Tuesday, 30 October 2018

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने जोरहट, असम में टेक्नोलॉजी सुविधा केन्द्र की आधारशिला रखी

 पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक और जोरदार पहल करते हुए केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास, प्रधानमंत्री कार्यालय,कार्मिक, जन शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कल असम के जोरहट जिले में सीएसआईआर-पूर्वोत्तर विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (एनईआईएसटी) के परिसर में “टेक्नोलॉजी सुविधा केन्द्र” की आधारशिला रखी।

      पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय इस नये विज्ञान केन्द्र की स्थापना का खर्च उठाएगा। मंत्रालय ने इस निर्माण की शुरूआत के लिए 40 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर जोरहट से लोकसभा सांसद श्री कामाख्या प्रसाद तासा, सीएसआईआर-एनईआईएसटी के निदेशक डॉ.एस चट्टोपाध्याय, अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष डॉ.जी.एन.काजी, एऩईसी (पूर्वोत्तर परिषद) के सचिव श्री राम मुइवा नेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. परदेसी लाल मौजूद थे।

      इस अवसर पर डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर में विशाल वैज्ञानिक भंडार हैं जिनका पता लगाने की जरूरत हैं और उन्हें खुशी है कि मंत्रालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा सीएसआईआर की मदद से अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ-साथ नौकरियां सृजित करने के लिए तकनीकी प्रयोगों को संस्थागत करने के लिए आगे आ रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नया केन्द्र युवाओं के लिए एक वरदान साबित होगा और पूर्वोत्तर के सभी 8 राज्यों और शेष भारत के लिए उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में उभरेगा।

      डॉ. जितेन्द्र सिंह ने उनके मंत्रालय द्वारा चलाये जा रहे दो कार्यक्रमों “पूर्वोत्तर क्षेत्र सामुदायिक संसाधन प्रबंधन परियोजना” (एऩईआरसीओआरएमपी) और “पूर्वोत्तर ग्रामीण आजीविका परियोजना”(एनईआरएलपी) का जिक्र किया जो बेरोजगार युवकों, किसानों, महिलाओं और कलाकारों के आजीविका के अवसरों में सुधार लाने के लिए समर्पित है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नया केन्द्र तेजी से विकास के लिए एक तकनीकी और मध्यवर्ती उत्प्रेरक का काम करेगा, जिससे पूर्वोत्तर राज्य भारत के कुछ पश्चिमी राज्यों की सफलता दर के बराबर पहुंच सकेंगे।

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Thursday, 28 June 2018

सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो पर बोला पाकिस्तान, 'भारत की एक काल्पनिक कथा है और कुछ नहीं'

इस्लामाबाद : पाकिस्तान ने भारतीय मीडिया में प्रसारित हुई सर्जिकल स्ट्राइक के कथित वीडियो को खारिज कर दिया है. पाकिस्तान ने इस वीडियो को हास्यपद कहते हुए है कहा है कि जब कोई सर्जिकल स्ट्राइक हुई ही नहीं तो वीडियो कैसे आ सकता है. वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा, 'मैंने पहले भी कहा है और फिर कहूंगा, सर्जिकल स्ट्राइक का हास्यापद दावा एक भारत की एक काल्पनिक कथा है और कुछ नहीं ! वे ख्वाब देख सकते हैं.'

बता दें कि, जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियां बढ़ने के बाद पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों के खिलाफ भारतीय सेना ने सितंबर 2016 में सीमा पार जाकर उनके ठिकानों को तबाह किया था. इस सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो बुधवार को जी न्यूज ने दिखाया था.

क्या है सर्जिकल स्ट्राइक?
1. एक सीमित एरिया में दुश्‍मनों या आतंकियों के सफाए के लिए जब सेना द्वारा सैन्‍य कार्रवाई की जाती है तो उसे सर्जिकल स्‍ट्राइक कहा जाता है.

2. इसके लिए पहले समय तय किया जाता है कि सर्जिकल स्ट्राइक कब करना है. फिर इस अभियान की जानकारी बेहद गोपनीय रखी जाती है जिसकी सूचना सिर्फ चुनिंदा लोगों तक ही होती है.

3. सर्जिकल स्ट्राइक में इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि जिस जगह या इलाके में आतंकी या दुश्मन छिपे हुए हैं सिर्फ उसी जगह को निशाना बनाया जाए या फिर स्ट्राइक किया जाए और इससे बाकी लोगों यानी नागरिकों को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचे.

4. भारतीय सेना ने भी जो सर्जिकल स्ट्राइक किया था, उसमें भी यही हुआ कि आतंकी ठिकानों और आतंकियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया. हमले में कई आतंकी मारे गए.

5. इसी तरह कुछ समय पहले भारतीय सेना ने म्यांमार सेना में दाखिल होकर पूर्वोत्तर में सक्रिय उग्रवादी गुट एनएससीएन (के) के शिविरों को निशाना बनाया था. हमले में उग्रवादियों को सेना ने मार गिराया था.

Source:-ZEENEWS

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Friday, 22 June 2018

जापान: 3 मिनट पहले लंच के लिए उठा कर्मचारी, तो टॉप बॉस ने LIVE टीवी पर पूरे देश से मांगी माफी

टोक्यो : सारी दुनिया इस बात से वाकिफ है जापान जैसी वक्त की पाबंदी कोई देश ना तो ला पाया है और भविष्य में भी नहीं ला पाएगा. जापान में एक मिनट ही नहीं बल्कि कुछ सेकेंडों का भी हिसाब रथा जाता है. जापान में वक्त से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसके कारण पूरे सरकारी विभाग को टीवी के जरिए सारे देश से मांफी मांगनी पड़ी है.

दरअसल, जापान के जल विभाग में काम करने वाले एक अधिकारी बुधवार (20 जून) को लंच से सिर्फ 3 मिनट पहले डेस्क छोड़कर चले गए. अधिकारी के इस कदम के बाद विभाग के 4 वरिष्ठ अधिकारियों को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर सारी जनता से माफी मांगनी पड़ी.

7 महीनों में 26 बार वक्त से पहले छोड़ा डेस्क
दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर के मुताबिक, 64 साल के इस अधिकारी पर काफी वक्त से निगरानी रखी जा रही थी. विभाग ने नोटिस किया की पिछले 7 महीनों में अधिकारि 26 बार लंच से पहले अपने डेस्क को छोड़कर चले जाते थे. विभाग ने अधिकारी को इस बात के लिए समझाया और दोबारा ऐसा ना करने की चेतावनी दी.

पाबंदी के लिए जाना जाता है जापान
जापान में हमेशा सरकारी और प्राइवेट विभाग के कर्मचारियों को वक्त की पाबंदी के लिए जाना जाता है. जापान के लोग अपने काम को खत्म करने के लिए ओवरटाइम तक करते हैं, इसके लिए उन्हें किसी भी तरह का अतिरिक्त वेतन नहीं दिया जाता. एक वैश्विक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ था कि काम ज्यादा होने और समय से पूरा करने के कारण जापान के ज्यादातर कर्मचारी अवसाद का शिकार हैं. रिपोर्ट आने के बाद जापान सरकार ने एक कानून पास किया था, जिसके तहत कोई भी कर्मचारी एक महीने में 100 घंटे से ज्यादा ओवरटाइम नहीं कर सकता. 2016 में जापान की संसद में एक रिपोर्ट पेश की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि काम के बोझ और ओवरटाइम के कारण जापान के हर पांच में से एक कर्मचारी पर मौत का खतरा मंडरा रहा है.

Source:-ZEENEWS

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Tuesday, 19 June 2018

ट्रंप के बाद, किम जोंग ने की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई बात

बीजिंग : उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने आज बीजिंग पहुंचकर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई अपनी ऐतिहासिक वार्ता की जानकारी दी और कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण में बीजिंग की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के अनुसार शी और किम ने चीन - उत्तर कोरिया के मौजूदा रिश्तों और कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति पर चर्चा की. मार्च के बाद से किम का यह तीसरा बीजिंग दौरा है.

किम और शी के बीच यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और चीन ऋण संबंधी मामलों पर व्यापरिक युद्ध की स्थिति उत्पन्न होने की कगार पर है. सिंगापुर में ट्रंप से मुलाकात से पहले दो बार किम बीजिंग गए थे.

किम इस बार विमान के जरिए चीनी शीर्ष नेता से मिलने यहां पहुंचे. पहले दो बार की तरह किम का यह दौरा गोपनीय नहीं रखा गया और कोरियाई नेता के विमान के यहां उतरते ही चीन ने उनकी यात्रा की आधिकारिक घोषणा कर दी. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने कहा, 'वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के प्रमुख और डेमोक्रेटिक पीपल्स पार्टी ऑफ कोरिया (डीपीआरके) के विदेशी मामलों के प्रमुख किम जोंग-उन 19 से 20 जून तक चीन की यात्रा पर आएं हैं.'

अमेरिका और उत्तर कोरिया की वार्ता के सकारात्मक परिणाम निकलें- किम जोंग
किम ने कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता बनाए रखने में चीन की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की. किम ने कहा,'कोरियाई प्रायद्वीप में एक ठो , दीर्घकालिक शांति तंत्र स्थापित करने एवं उसे बढ़ावा देने और प्रायद्वीप में शांति स्थापित करने के लिए प्रयास करने वाले चीन सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ काम करने की संभावना जताई. दूसरी ओर, शी ने कहा कि वह चाहते हैं कि उत्तर कोरिया और अमेरिका सिंगापुर में हुई अपनी वार्ता के सकारात्मक परिणाम निकालें.

Source:-ZEENEWS

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Monday, 18 June 2018

अमेरिका: शिकागो में टॉलीवुड सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, भारतीय दंपति गिरफ्तार

वॉशिंगटन: भारतीय मूल के एक दंपति को अमेरिका में नामी गिरामी लोगों के लिए कथित तौर पर देह व्यापार रैकेट चलाने और इसके लिए कम से कम पांच टॉलीवुड अभिनेत्रियों को झांसा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. यह रैकेट कथित तौर पर देशभर में होने वाले भारतीय सम्मेलनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में इन अभिनेत्रियों की पेशकश करता था. शिकागो ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक 34 वर्षीय किशन मोदुगुमुड़ी इस देह व्यापार को चलाता था.

गिरोह अपने ग्राहकों से 3,000 डॉलर वसूल करता था
टॉलीवुड फिल्म जगत में उसने महत्वपूर्ण जगह बना ली थी और कई हिट फिल्मों का सह -निर्माण भी किया था. शिकागो की जिला अदालत में पेश 42 पृष्ठों की आपराधिक शिकायत के मुताबिक गिरोह अपने ग्राहकों से 3,000 डॉलर वसूल करता था. मोदुगुमुड़ी और उसकी पत्नी चंद्रा (31) इस बात का पूरा ब्यौरा रखते थे कि कौन सी लड़की किस व्यक्ति के पास भेजी गई और उसे कितने पैसे मिले.

शिकायत के मुताबिक मोदुगुमुड़ी ने टॉलीवुड की अभिनेत्रियों में से एक को और उसके परिवार को धमकाया कि अगर उन्होंने कानून प्रवर्तन अधिकारियों को कुछ भी बताया तो उसकी जान को खतरा हो सकता है. मोदुगुमुड़ी और उसकी पत्नी को अप्रैल में वाशिंगटन के उपनगर से गिरफ्तार किया गया था और तभी से वे संघीय हिरासत में हैं. अमेरिकी मजिस्ट्रेट न्यायाधीश मारिया वाल्डेज ने उन्हें फिलहाल के लिए हिरासत में ही रखने के आदेश दिया है. दंपति के दोनों बच्चे वर्जीनिया में बाल कल्याण अधिकारियों के संरक्षण में हैं.

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Sunday, 17 June 2018

मोदी सरकार को मुसलमानों का विश्वास हासिल करने के लिए बहुत कुछ करना होगा : नकवी

नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि पिछले 70 वर्ष से मुसलमानों के जेहन में जो विष भरा गया है, वह काफी हद तक कम तो हुआ है लेकिन इसे पूरी तरह से खत्म करने के लिए बहुत कुछ करना होगा. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बिना भेदभाव के, सम्मान के साथ अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है.

नकवी ने कहा, ‘मोदी सरकार का विकास का मसौदा, वोट का सौदा नहीं है. पिछले चार वर्षों के दौरान हमारी सरकार ने अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध पहल की है जिसका जमीन पर प्रभाव दिख रहा है.’ उन्होंने कहा कि बीजेपी वर्ष 2019 के चुनाव में तीन तलाक के विषय पर अपने प्रयासों को जनता के सामने रखेगी.

उन्होंने कहा कि सशक्तिकरण की पहल के कारण ही मुस्लिम बालिकाओं के बीच में ही स्कूल छोड़ने की दर 74 प्रतिशत से घटकर अब 42 प्रतिशत रह गई है. इसका एक प्रमुख कारण यह है कि पौने तीन करोड़ बच्चों को प्रत्यक्ष नकद अंतरण (डीबीटी) के तहत छात्रवृत्ति प्रदान की गई है. इसके कारण बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है.

उन्होंने कहा कि पिछले 70 वर्षों से मुसलमानों के जेहन में जो विष भरा गया है, वह काफी हद तक खत्म हुआ लेकिन अभी भी इस संदर्भ में बहुत कुछ करना होगा और मोदी सरकार बिना भेदभाव के सम्मान के साथ अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है.

अल्पसंख्यक मंत्रालय के कार्यों का जिक्र करते हुए नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के माध्यम से देश के पिछड़े एवं अल्पसंख्यकों की अच्छी खासी आबादी वाले क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, जलापूर्ति, कौशल विकास के लिए आधारभूत ढांचे के विकास का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत नवोदय एवं केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर स्कूलों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है. इस योजना के तहत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में भवनों एवं सामुदायिक केंद्रों का निर्माण किया गया. इसके साथ ही समाज में सद्भाव एवं समरसता को बढ़ावा देने के लिये ‘सद्भाव मंडप’ की भी स्थापना की जा रही है.

Source:-ZEENEWS

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डॉ. जितेन्द्र सिंह ने जोरहट, असम में टेक्नोलॉजी सुविधा केन्द्र की आधारशिला रखी

 पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक और जोरदार पहल करते हुए केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास, प्रधानमंत्री कार्यालय,कार्मिक, जन शिकायत और पेंशन,...