Friday, 18 May 2018

नितिन गडकरी ने लगाई ठेकेदारों की क्‍लास, बोले- 'गड़बड़ करोगे तो वहीं गाड़ दूंगा'

भोपाल: केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को बैतूल में सड़क बना रहे ठेकेदारों को जमकर लताड़ा. नितिन गडकरी ने धमकाने वाले अंदाज में कहा कि 'अगर काम में गड़बड़ हुई तो गिट्टी के बिना आपको गाड़ दूंगा.'

बैतूल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में भाग लेने आए गडकरी ने कहा कि 'उन्होंने करोड़ों रुपये की सड़कें स्वीकृत की हैं, जिसकी मालिक जनता है. जितने भी ठेकेदार आपके यहां काम कर रहे हैं कोई मेरे पास दिल्ली नहीं आता. एक पैसे का करप्‍शन नहीं है. मैंने उन्हें बोल दिया है कि अगर गड़बड़ करोगे तो गिट्टी के बिना तुम्हें वहीं गाड़ दूंगा.'

विभाग में पैसे की कमी नहीं- गडकरी
गडकरी ने इस दौरान मंच से कहा कि 'उनके विभाग में रुपये की कमी नहींं है. जितना चाहे वे देने को तैयार हैं. इसी के साथ नितिन गडकरी ने कहा कि सिंचाई के लिए केंद्र सरकार राज्यों की भी मदद कर रही है, सिंचाई के लिए एमपी को हजारों करोड़ रुपये दिए गए.' गडकरी ने आगे कहा कि 21वीं सदी में राजनीति जाति और पैसे की नहीं है. शिवराज सरकार की तारीफ करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि 'उन्‍होंने अच्‍छा काम किया है.' वहीं गन्‍ना किसानों के भुगतान पर बोलते हुए गडकरी ने कहा कि 'गन्ना किसानों को समय से भुगतान किया जा रहा है.'

2019 तक 80 फीसदी गंगा शुद्ध हो जाएगी
भोपाल में ज़ी मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के कॉनक्लेव में गंगा की सफाई पर नितिन गडकरी ने कहा कि मार्च 2019 तक 70 से 80 फीसदी गंगा शुद्ध हो जाएगी. इसके लिए आम लोगों से लेकर स्वंय सेवी संस्थाओं की मदद भी ली जा रही है. कॉनक्लेव में आगे बोलते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि केन-बेतवा प्रोजेक्ट से एमपी की तस्वीर बदल सकती है जिस दिन सीएम शिवराज और योगी हस्ताक्षर कर देंगे तो 3 महीने के अंदर प्रोजक्ट शुरू हो जाएगा. केंद्र 40 हजार करोड़ रुपये की मदद देगा.

Source:-Zeenews

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Monday, 23 April 2018

शख्स ने पूछा- मेरे खाते में कब आएंगे 15 लाख रुपये? PMO से मिला ये जवाब

नई दिल्ली: 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जब विदेशों से कालाधन वापस आएगा तब प्रत्येक नागरिक को 15 लाख रुपये मिलेंगे. इस वादे को लेकर सूचना के अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत मोहन कुमार शर्मा ने पीएमओ से सवाल किया कि उनके खाते में ये राशि कब आने वाली है. इसे लेकर हाल ही में पीएमओ की ओर से जवाब दे दिया गया है. पीएमओ की ओर से कहा गया कि ये सवाल आरटीआई कानून के तहत सूचना के दायरे में नहीं आता और इसीलिए इसका उत्तर नहीं दिया जा सकता.

सूचना आयोग ने सही ठहराया पीएमओ का कदम
माथुर ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार आवेदनकर्ता ने अन्य बातों के अलावा यह जानकारी मांगी थी कि प्रधानमंत्री के वादे के अनुसार नागरिकों के खातों में कब 15 लाख रुपये डाले जाएंगे. यह जानकारी आरटीआई कानून की धारा 2 (एफ) के तहत सूचना के दायरे में नहीं आती.

आरटीआई कानून की इस धारा के अनुसार सूचना से तात्पर्य रिकॉर्ड, दस्तावेज, ज्ञापन, ई-मेल, प्रेस विज्ञप्ति सलाह, अनुबंध, रिपोर्ट, दस्तावेज, नमूना, लॉगबुक समेत किसी भी रूप में रखी सामग्री से है. साथ ही सूचना किसी भी निजी निकाय से संबद्ध हो सकती है जिसतक किसी भी कानून के तहत सार्वजनिक प्राधिकार की पहुंच हो सकती है.

माथुर ने निर्णय किया कि आरटीआई आवेदन के निपटान के संदर्भ में जवाब देने वाले दोनों पक्षों प्रधानमंत्री कार्यालय और रिजर्व बैंक द्वारा उठाए गए कदम उपयुक्त हैं.



Source:-Zeenews

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IT रिटर्न में ये गलती न करें, जेल की हवा खानी पड़ सकती है

नई दिल्‍ली: कर चोरी और काले धन पर अंकुश के लिए सरकार और आयकर विभाग ने ढेरों उपाय किए हैं. इनमें कर चोरी के मामलों में कार्रवाई से लेकर संदिग्‍ध करदाताओं की आय के स्रोतों की जांच तक शामिल है. केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इसके साथ ही वेतनभोगी करदाताओं को भी चेतावनी दी है कि वे आय को कम दिखाकर और कर छूट के दावों को बढ़ा-चढ़ा कर गलत आयकर रिटर्न (ITR) न भरें. ऐसा करने पर आयकर विभाग न सिर्फ उन पर जुर्माना लगाएगा बल्कि आयकर (आईटी) अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही भी करेगा. इस अधिनियम के तहत सजा के अलग-अलग प्रावधान हैं. सजा या जुर्माना गड़बड़ी कैसी है उस पर निर्भर करता है और अगर कर चोरी की है तो उसके लिए अलग सजा है. आइए आईटी नियम के प्रावधानों पर नजर डालते हैं:

अज्ञात स्रोतों से आय मालूम चलने पर सजा
विभाग का कहना है कि सिर्फ आय बताना काफी नहीं है बल्कि आय के स्रोत की जानकारी भी देना जरूरी है. आयकर अधिनियिम के सेक्‍शन 271एएसी के तहत आयकर अधिकारी इस मामले में 10 फीसदी की दर से जुर्माना लगा सकता है. अगर आय कैश क्रेडिट, अघोषित निवेश, अज्ञात धन, निवेश की रकम गलत बताने और खर्चों की सही जानकारी न देने पर भी जुर्माने का प्रावधान है. अगर रिटर्न की प्रोसेसिंग के दौरान पता चला कि टैक्स ऑडिट नहीं करवाया गया तो भी पेनॉल्‍टी लगती है. ये सिर्फ व्यापारियों या कंपनियों के लिए है.

रिटर्न फाइल न करने या देरी पर सजा
अगर इनकम टैक्स रिटर्न नहीं फाइल किया गया तो भी जुर्माना लगाया जाता है. इसके लिए 5000 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है. अगर यह पता चलता है कि टीडीएस रिटर्न साल भर के अंदर नहीं फाइल किया गया है तो पेनाल्टी 10 हज़ार से 1 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है. अगर किसी व्यक्ति ने पैन कार्ड इनकम टैक्स अकाउंट से नहीं लिंक किया है तो यह भी अपराध की श्रेणी में आता है. अगर पैन का ब्‍योरा गलत है तो भी ये अपराध है ऐसे में 10 हज़ार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. टैन (टैक्‍स डिडक्‍शन एंड कलेक्‍शन एकाउंट नंबर) के मामले में गड़बड़ी मिलने पर 10 हज़ार रुपए का जुर्माना लगता है. अगर इनमें से कोई गलती ज्यादा बड़ी समझ आती है और किसी का जुर्म साबित हो जाता है तो जुर्माने के साथ-साथ उसे जेल भी हो सकती है.

Source:-Zeenews

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Friday, 20 April 2018

अगर चीफ जस्टिस पर महाभियोग शुरू भी हुआ, तब भी विपक्ष की 'हार' तय है, जानिए कैसे...

नई दिल्‍ली : कांग्रेस सहित 7 पार्टियों ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को पद से हटाने के लिए उनके खिलाफ महाभियोग लाने का प्रस्‍ताव दिया है. शुक्रवार को उप राष्‍ट्रपति वैंकेया नायडू को सौंपे गए इस प्रस्‍ताव में विपक्ष ने प्रधान न्‍यायाधीश पर पांच आरोप लगाए हैं और महाभियोग शुरू करने की मांग की है, लेकिन विपक्ष के इस दांव की राह में कई रोड़े हैं. इस पूरी प्रकिया में एक खास बात यह भी है कि अगर महाभियोग की प्रक्रिया शुरू भी हुई तो उसके पूरी होने से पहले ही चीफ जस्टिस का कार्यकाल पूरा हो चुका होगा. वह 2 अक्टूबर को रिटायर होंगे.

-सबसे पहले तो राज्यसभा के सभापति यानि उप राष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू इस प्रस्‍ताव को खारिज कर सकते हैं. दरअसल, इस प्रस्‍ताव के लिए लोकसभा के 100 या उच्‍च सदन यानि राज्‍यपाल के 50 सदस्‍यों के हस्‍ताक्षर जरूरी हैं, लेकिन राज्‍यसभा के सभापति को प्रस्‍ताव को मंजूर करने या उसे खारिज करने का अधिकार है.

-अगर रिपोर्ट खिलाफ है तो न्‍यायाधीश की राज्यसभा में होगी पेशी. उसके बाद वोटिंग की जाएगी. प्रस्‍ताव की जीत के लिए 123 वोट जरूरी है, लेकिन अभी जिन 7 दलों ने महाभियोग का प्रस्ताव रखा है, उनके उच्‍च सदन में सिर्फ 78 सांसद हैं. यानी प्रस्ताव गिरना लगभग तय है.

-अगर यह प्रस्ताव मंजूर हुआ तो तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा, जोकि आरोपों की जांच करेगी. इस 3 सदस्यीय समिति में सुप्रीम कोर्ट के एक मौजूदा जज, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और एक कानून विशेषज्ञ होंगे. समिति आरोपों की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

-अगर इस मुद्दे पर विपक्ष एक हुआ तो वह राज्‍यसभा में जीत जाएगा, जिसके बाद लोकसभा में पेशी होगी, लेकिन संख्‍याबल के मुताबिक वहां विपक्ष की हार तय है. बड़ी बात यह भी है कि इस प्रक्रिया में 6 महीने से अधिक समय लगेंगे. और तब तक चीफ जस्टिस (2 अक्टूबर को) रिटायर हो चुके होंगे.

Source:-Zeenews

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Thursday, 19 April 2018

पश्चिम बंगाल में BJP का हिंदुत्व कार्ड, असीमानंद को उतारने की तैयारी

अजमेर और मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में बरी हो चुके स्वामी असीमानंद को बीजेपी ट्रंप कार्ड के रूप में इस्तेमाल कर सकती है. पश्चिम बंगाल में सियासी जमीन तलाश रही बीजेपी असीमानंद के राज्य में उतारने की तैयारी कर रही है. बीजेपी के प्रदेश ईकाई असीमानंद की मदद लेने के साफ संकेत दिए हैं.

पीटीआई के मुताबिक पश्चिम बंगाल के प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि मैं स्वामी असीमानंद को निजी तौर पर लंबे समय से जानता हूं. मैं उनसे बात करुंगा और उन्हें पश्चिम बंगाल में पार्टी के लिए काम करने के लिए लाने का प्रयास करूंगा. उन्होंने लंबे समय तक बंगाल में आदिवासियों के बीच काम किया है. पार्टी के लिए कई तरह से वो मदद कर सकते हैं.

स्वामी असीमानंद का जन्म पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के कामारपुकार स्थित नाबा कुमार सरकार के घर हुआ था और उन्होंने 1971 में विज्ञान विषय में स्नातक की डिग्री की थी. असीमानंद अपने ज्वलंत भाषण और अल्पसंख्यक विरोधी रुख रखने के लिए जाने जाते हैं. वह स्कूल के दिनों से ही दक्षिणपंथी समूह के साथ जुड़ गए थे. राज्य के पुरुलिया और बांकुरा जिलों में वनवासी कल्याण आश्रम में वह पूर्ण कालिक कार्य कर रहे हैं. यह वही आश्रम हैं जिसे 1981 में नाबा कुमार ने स्वामी असीमानंद के नाम कर दिया था.

गौरतलब है कि सोमवार को ही अदालत ने 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में 66 वर्षीय असीमानंद और चार अन्य को आरोपों से बरी कर दिया था.


Source:-Aajtak

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Wednesday, 11 April 2018

डिफेंस एक्सपो में PM बोले- शांति के साथ लोगों की सुरक्षा हमारा लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज तमिलनाडु के चेन्नई में डिफेंस एक्सपो में रक्षा प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. इस वर्ष डिफेंस एक्सपो की थीम 'भारत-उभरता रक्षा विनिर्माण हब' है.

प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज ये देखकर खुशी हो रही है कि 500 से अधिक देशी और 150 से अधिक विदेशी कंपनियां यहां मौजूद है. करीब 40 से अधिक देशों ने अपने प्रतिनिधियों को यहां पर भेजा है. उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश लोगों को बचाना और शांति स्थापित करना है. इसके लिए हम अपनी सैन्य ताकतों का हर तरह से साथ देने के लिए तैयार हैं.

भारतीय प्रतिभागियों में कई प्रमुख कंपनियां जैसे कि टाटा, कल्याणी, भारत फोर्ज, महिन्द्रा, एमकेयू, डीआरडीओ, एचएएल, बीईएल, बीडीएल, एमडीएल, जीआरएसई, जीएसएल, एचएसएल, आयुध कारखाने शामिल हैं.

डिफेंस एक्सपो-2018 में भाग लेने वाली प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में लॉकहीड मार्टिन, बोइंग (अमेरिका), एसएएबी (स्वीडन), एयरबस, राफेल (फ्रांस), यूनाइटेड शिपबिल्डिंग (रूस), बीएई सिस्टम्स (ब्रिटेन), सिबत (इस्राइल), वार्टसिला (फिनलैंड), रहोड एंड श्वार्ज (जर्मनी) शामिल हैं.

प्रधानमंत्री चेन्नई के अड्यार स्थित कैंसर संस्थान का भी दौरा करेंगे. प्रधानमंत्री इस अवसर पर हीरक जयंती भवन, श्रीपेरंबदूर स्थित उपशामक देखभाल केंद्र (महावीर आश्रय) और अड्यार कैंसर संस्थान स्थित डे केयर सेंटर एवं नर्सो के क्वार्टर का उद्घाटन करने वाली पट्टिका का अनावरण करेंगे.

Source:-Aajtak

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Monday, 9 April 2018

अपराधियों से केस वापस लेने पर SP का योगी सरकार पर हमला

उन्नाव गैंगरेप मामले में सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के नेता सुनील यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला है. सुनील यादव का कहना है कि योगी सरकार जिस तरह अपराधियों से केस वापस ले रही है ये गलत है. बीजेपी जो कहती है वो नहीं करती है. उन्होंने कहा कि जो लोग आज बंद बुला रहे हैं, वो दलितों से आरक्षण छीनना चाहते हैं.

पीड़िता ने किए थे कई खुलासे

आपको बता दें कि सोमवार को आजतक से बात करते हुए पीड़ित युवती ने काफी खुलासे किए थे. पीड़ित युवती ने आरोप लगाया था कि विधायक और उनके भाई अतुल सिंह ने उसके साथ दुष्कर्म किया और अब उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. विधायक के गुर्गे आए दिन उसके और परिवार के लोगों के साथ मारपीट किया करते हैं.

जेल में पिता की हुई थी मौत

गौरतलब है कि सोमवार को युवती के पिता की जेल में मौत हो गई थी, जिसके बाद मामला काफी बढ़ गया था. युवती के बयान के मुताबिक, अदालत में चल रहा एक मुकदमा वापस लेने से इनकार करने पर पांच दिन पहले विधायक के भाई और उनके गुर्गों ने उसके पिता को पेड़ से बांधकर बुरी तरह पीटा था और घसीटते हुए ले गए थे.

Source:-Aajtak

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नितिन गडकरी ने लगाई ठेकेदारों की क्‍लास, बोले- 'गड़बड़ करोगे तो वहीं गाड़ दूंगा'

भोपाल: केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को बैतूल में सड़क बना रहे ठेकेदारों को जमकर लताड़ा. नितिन गडकरी ने धमकाने वाले अंदाज में क...